21 साल की उम्र में एशियन गेम्स का सपना पूरा 21 वर्षीय वेदांत लंबे समय से प्रतिस्पर्धी तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

उन्होंने जून 2026 में 79वीं सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल में 1:53.89 सेकंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला था।

इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह मिली।

वर्ल्ड एक्वेटिक्स के रिकॉर्ड में भी 200 मीटर फ्रीस्टाइल में उनका 1:53.89 का समय दर्ज है।

एशियन गेम्स में वेदांत को 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर बैकस्ट्रोक और 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

View this post on Instagram A post shared by Vedaant Madhavan (@vedaantmadhavan) 23 सितंबर को 200 मीटर फ्रीस्टाइल में उतरेंगे वेदांत रिले में अभियान शुरू करने के बाद वेदांत अब 23 सितंबर को पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में उतरेंगे।

इस इवेंट की हीट सुबह होंगी और फाइनल में जगह बनाने के लिए उन्हें शीर्ष आठ में रहना होगा।

200 मीटर फ्रीस्टाइल वेदांत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के महीनों में उन्होंने अपनी ट्रेनिंग को इस इवेंट की गति और तकनीकी जरूरतों के मुताबिक ढाला है।

लंबे फ्रीस्टाइल इवेंट्स से आगे बढ़ते हुए उनका फोकस स्ट्रोक रेट, टर्न, स्टार्ट और रेस के दौरान गति बनाए रखने पर रहा है।

2022 के डेनिश ओपन में उन्होंने 800 मीटर फ्रीस्टाइल में 8:17.28 का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता था।

वर्ल्ड एक्वेटिक्स के रिकॉर्ड के मुताबिक 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में भी उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 15:50.85 है।

इसके बाद उन्होंने सीनियर स्तर पर अपनी स्पीड पर भी काम किया और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में लगातार सुधार किया।

जून 2026 की सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में उनका 1:53.89 का समय इसी बदलाव का संकेत रहा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुके हैं पहचान वेदांत ने युवा स्तर से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

उन्होंने मलेशिया में आयोजित एज ग्रुप चैंपियनशिप में फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं में कई पदक जीते।

डेनिश ओपन में 800 मीटर फ्रीस्टाइल का स्वर्ण और 1500 मीटर में रजत भी उनके खाते में रहा है।

2023 कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में शीर्ष पांच में जगह बनाई।

सीनियर स्तर पर भी उनका प्रदर्शन लगातार आगे बढ़ा है।

2025 सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने 4x100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक जीता था।

2026 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने 200 मीटर फ्रीस्टाइल में चौथा स्थान हासिल किया और रिले स्पर्धाओं में तीन कांस्य पदक जीते।

वह अभिनेता आर. माधवन के बेटे हैं, इसलिए उनके हर बड़े मुकाबले के साथ पिता की लोकप्रियता का संदर्भ भी जुड़ जाता है।

हालांकि वेदांत कई बार साफ कर चुके हैं कि वह अपने पिता की पहचान के बजाय अपने प्रदर्शन के जरिए पहचाने जाना चाहते हैं।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि वह सुर्खियों में रहने के बजाय अपने और देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान देना चाहते हैं।

उनका मानना है कि पूल में उतरने के बाद उनके सामने सिर्फ रेस होती है और बाहरी दबाव मायने नहीं रखता।

कोरोना महामारी के दौरान भारत में स्विमिंग पूल बंद होने के कारण उनके प्रशिक्षण पर असर पड़ा था।

ऐसे समय में आर. माधवन का परिवार दुबई चला गया, जहां वेदांत को सालभर बेहतर तैराकी सुविधाओं में अभ्यास करने का मौका मिला।

वेदांत की ट्रेनिंग को लेकर आर. माधवन पहले भी उनके अनुशासन की चर्चा कर चुके हैं।

सुबह करीब 4 बजे उठकर अभ्यास करने के लिए वेदांत का रात में जल्दी सोना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा।

इस कड़े रूटीन ने उनके प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी तैराकी करियर में अनुशासन बनाए रखने में मदद की।

अब नजर 200 मीटर फ्रीस्टाइल पर 4x200 मीटर रिले में भारत के फाइनल से चूकने के बाद अब वेदांत की नजर 23 सितंबर की 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा पर होगी।

यह उनके एशियन गेम्स अभियान का पहला व्यक्तिगत इवेंट होगा।

वेदांत के पास 1:53.89 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय है और एशियन गेम्स में उनका लक्ष्य अपने इस प्रदर्शन में सुधार करना होगा।

रिले में फाइनल तक नहीं पहुंच पाने के बाद अब उनके पास व्यक्तिगत स्पर्धा में अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने का मौका होगा।

आर. माधवन के बेटे के रूप में मिली पहचान से आगे बढ़कर भारतीय तैराक के तौर पर अपनी जगह बनाने की कोशिश में जुटे वेदांत के लिए एशियन गेम्स का यह सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।

21 सितंबर का रिले डेब्यू उनके अभियान की शुरुआत भर है, जबकि 23 सितंबर को 200 मीटर फ्रीस्टाइल में उनका असली व्यक्तिगत परीक्षण होगा।

मुख्य बातें

  • 21 साल की उम्र में एशियन गेम्स का सपना पूरा 21 वर्षीय वेदांत लंबे समय से प्रतिस्पर्धी तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
  • उन्होंने जून 2026 में 79वीं सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल में 1:53.89 सेकंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश…
  • इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह मिली।

स्रोत और संदर्भ

  1. अमर उजाला · एशियाई खेल: फिल्मी दुनिया से दूर तैराकी में पहचान बना रहे आर माधवन के बेटे वेदांत, कैसा रहा एशियाड में डेब्यू? ↗21 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।

यह खबर शेयर करें